शिक्षा विभाग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शिक्षा विभाग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 2 फ़रवरी 2025

बिहार में महिला शिक्षक के हाथ पैर को जानवरों की तरह बांधा, मकान मालिक की हैवानियत

पूर्णिया में महिला शिक्षक को मकान मालिक ने खंभे से बांधकर बंधक बना लिया. आरोप है कि उसने कई महीने से किराया नहीं दिया था-घर से फेंका सामान
वीडियो यहाँ देखें 👇
https://www.facebook.com/share/p/1FL2vohRq6/
#पूर्णिया : बिहार के पूर्णिया जिले में एक मकान मालिक ने शिक्षिका को पिलर में बांध रखा था. उसके हाथ पैर किसी जानवरों की तरह खंभे से बंधे हुए थे. महिला टीचर बुरी तरह से कांप रही थी. वह बार बार गिड़गिड़ा रही थी लेकिन घर की मकान मालिकन घर खाली करने का दबाव बनान रहे थे.

मकान मालिक की दबंगई : इस तरह की सूचना मिलने पर पुलिस ने कसबा थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 14, टीनपनिया पहुंचकर उक्त महिला शिक्षक को मुक्त कराया. बताया जा रहा था कि महिला टीचर ने मकान का किराया नहीं दिया था जिसके चलते उसे बंधक बना लिया गया था.

पूर्णिया में महिला शिक्षक बंधक : जानकारी के मुताबिक, पीड़िता एक स्कूल में शिक्षिका के तौर पर कार्यरत हैं, कसबा के मदारघाट निवासी श्रवण साह के मकान में किराए पर रह रही थी. पिछले पांच महीनों से मकान का किराया न देने पर मकान मालिक ने महिला पर मकान खाली करने का दबाव बनाना शुरू किया. अंततः, श्रवण साह और उसके सहयोगी अनिल यादव ने महिला को कमरे में बंधक बना लिया और उसके हाथ-पैर बांधकर उसे कई घंटों तक बंधक रखा.

पुलिस ने शिक्षिका को छुड़ाया : स्थानीय लोगों की सूझबूझ से पुलिस ने महिला को मुक्त कराया : इस घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को लगी, तो उन्होंने तुरंत कसबा थाना पुलिस को सूचना दी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शिक्षिका को बंधक बनाने वाले मकान मालिक और उसके सहयोगी से मुक्त कराया. पुलिस महिला को अपने साथ थाना ले जाकर सुरक्षा दी.

पुलिस ने आरोपियों पर की कार्रवाई : कसबा थाना प्रभारी अजय अजनबी ने बताया कि ''महिला शिक्षिका ने मकान मालिक श्रवण साह और उसके सहयोगी अनिल यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर उन्हें बंधक बनाया. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है.''

बुधवार, 22 जनवरी 2025

बेतिया DEO के घर पर छापेमारी करोड़ो की संपत्ति बरामद | पैसे गिनने की मशीन मंगाई गई..

बेतिया: एक पुरानी कहावत है कमा ले चाहे तू हीरे या मोती,कफन में जेब नहीं होती_फिर भी लोग पैसे के लिए पागल रहते हैं। कुछ यही तस्वीर आज सुबह सुबह देखने को मिली जहां बेतिया के डीईओ रजनीकांत प्रवीण के कई ठिकानों पर जब स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने छापेमारी की तो अधिकारियों के होश उड़ गए, जहां हाथ डाल रहे वहीं नोटों के बंडल मिल रहे और अब भी नोटों की गिनती लगातार जारी है।

ये सच है कि एक अधिकारी के पास नौकरी के बाद इतनी संपत्ति और इतने बरामद नोट उनकी सैलरी से तो नहीं अर्जित हुई होगी, खैर जो भी हो पूरे आंकड़े आने दीजिए और जोड़ घटाव के बाद ही पता चलेगा कि एक डीईओ ने कितनी अवैध कमाई की है और पैसे कहां से आए हैं, कई जिलों के ये डीईओ रहे हैं तो ऐसे में ये भी सच है कि शिक्षकों के शोषण की कमाई का ही ये परिणाम होगा।जानकारी के मुताबिक रजनीकांत प्रवीण और उनके परिवार के नाम पर पटना, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में कई जमीनें/फ्लैट हैं, जिनकी कुल कीमत ₹2,92,92,225/- मानी गई।

यहाँ 👇 देखें पूरा वीडियो/खबर
https://youtu.be/z4yay2gKukU

अब बारी अन्य जिलों की है खासकर एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी को सस्पेंड/बर्खास्त करने वाले के घर भी यही करवाई होनी है।

सोमवार, 14 अक्टूबर 2024

शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी खबर || ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़ी मिल सकती है खुशखबरी

3 या 5 प्रखंड को मिलाकर एक शैक्षणिक अनुमण्डल बनाये जाने की भी सुचना है, इस तरह प्रत्येक जिले में 4/5 शैक्षणिक अनुमण्डल बनेगा।


खबर ये भी है की दिवाली के पहले एक बार फिर से eshiksha कोष अपडेट होगा,और teacher कॉलोम में ही सबसे निचे teacher ट्रांसफॉर डिटेल्स का option आएगा।


सुचना ये भी है की दिसंबर के मध्य और जनवरी के प्रारम्भ तक ज़ब प्रचंड ठंडी होंगी और विद्यालय बंद होंगे उसी बिच में ट्रांसफॉर कर दिए जायेंगे




1 जनवरी के बाद आप ज़ब भी CL लेंगे, तब आपको बचा हुआ CL भी भी दिखेगा, डिडक्ट हो के, जैसे -16-1=15


 1 जनवरी से eshiksha कोष पूरी तरीके से अपडेट हो जायेगा, self attendance in में भी फोटो और out के समय भी फोटो लागु कर दिया जायेगा।

बुधवार, 11 सितंबर 2024

छात्रों का नोटबुक तय करेगा शिक्षकों का भविष्य, अधूरा रहा तो जाएगी नौकरी! ACS एस सिद्धार्थ ने गुरूजी के काम के आकलन का निकाला खास तरीका, अब खैर नहीं

पटना. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद पर आते ही एस सिद्धार्थ ने राज्य के स्कूलों में पठन पाठन को दुरुस्त करने के लिए खास फॉर्मूला अपना लिया है. सिद्धार्थ ने इसके लिए छात्रो के नोटबुक को सबसे बड़े हथियार के रूप में अपनाने की तैयारी की है. यानी शिक्षक क्या पढ़ाते हैं इसका पूरा लेखा-जोखा छात्रों के नोटबुक से निकलेगा. सूत्रों का कहना है कि एस सिद्धार्थ ने बिहार के तमाम सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के पढ़ाने पर निगरानी का नायाब तरीका अपनाने का प्लान तय किया है. 
शिक्षक स्कूलों में रोजाना क्या पढ़ाते हैं. कितना टास्क देते हैं. बच्चे किन पाठों को पढ़े हैं. पढाई के कुल कितने घंटे हुए हैं इन तमाम चीजों का खुलासा बस छात्रों की कॉपी देखते ही कर लेंगे. सूत्रों के अनुसार एस सिद्धार्थ ने छात्रों की कॉपी चेक करने पर खास ध्यान देने कहा है. इसके अनुसार स्कूलों में जब निरिक्षण के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी जाएंगे तो वे सामान्य हाजिरी आदि चेक करने के अतिरिक्त एक और खास काम करेंगे. इसमें छात्रों की कॉपी चेक करना होगा. यानी किसी शिक्षक ने पिछले दिनों क्या पढ़ाया है इसका पूरा लेखा-जोखा छात्रों के कॉपी से पता चलेगा. 

माना जा रहा है कि इससे शिक्षको के कामकाज पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी. वे क्या पढ़ाते हैं और कितना पढ़ाते हैं उसका आकलन छत्रों की कॉपी देखकर कर सकेंगे. सिद्धार्थ के इस नायाब तरीके से स्कूलों में शिक्षकों द्वारा टाइम पास करने की शिकायतें भी दूर हो सकती हैं. साथ ही जो शिक्षक तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे उन पर विधि सम्मत कार्रवाई भी की जा सकती है. 


गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का पद संभालते ही एस. सिद्धार्थ लगातार अपने एक्शन से सबको आकर्षित किए हुए हैं. उन्होंने पिछले दिनों भोजपुर के बिहिया में एक स्कुल में छापेमारी करने के दौरान बच्चों को सड़क पर घूमते पकड़ा था. इसके पहले वे लोकल ट्रेन में सवार होकर पटना से बिहिया गए थे. वहीं शनिवार को स्कूल टाइमिंग के बाद एक रिक्शा पर सवार कुछ बच्चों को सिद्धार्थ ने देखा तो उन्हें भी रोककर सवाल किया. उनके इस एक्शन से हड़कंप भी मचा और एक सकारत्मक संदेश भी गया.

रविवार, 23 जून 2024

25 जून से शिक्षकों की ऑनलाइन बनाने पर शिक्षा विभाग का आया बड़ा फैसला , अब शिक्षकों का नही कटेगा वेतन , शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

PATNA : बिहार के सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की 25 जून से आनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी. इसके लिए शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल (एप) विकसित किया है.

राज्य भर की सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को शिक्षा विभाग में आदेश दिया है कि 25 जून से सभी शिक्षक की शिक्षा कोष एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे यहां तक की अब शिक्षकों को किसी भी प्रकार का अवकाश लेने के लिए प्रधानाध्यापक के कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा बल्कि शिक्षा कोष एप्लीकेशन पर ही आवेदन करना होगा उन्हें तुरंत अवकाश मिल जाएगा


शिक्षा विभाग ने बताया कि 3 महीने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सिस्टम को प्रोजेक्ट पायलट के रूप में शिक्षा विभाग चला रही है यदि 3 महीना में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई तो इस ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम को परमानेंट लागू कर दिया जाएगा। लेकिन यदि 3 महीने के अंदर ऑनलाइन उपस्थिति बनाने की इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो शिक्षा विभाग इन समस्याओं का सबसे पहले निराकरण करेगा उसके बाद ही इस सिस्टम को लागू करेगा।

फिलहाल अभी-अभी शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कहा गया है कि 25 जून से 3 माह तक सभी शिक्षक अपने मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे इस अवधि में यह पता चल जाएगा कि इस ऑनलाइन सिस्टम में क्या-क्या समस्या उत्पन्न हो रही है इस 3 महीना की अवधि में यदि शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी आती है तो फिलहाल उनके वेतन की कटौती नहीं की जाएगी और ना ही उन पर किसी भी प्रकार की विभागीय कार्रवाई की जाएगी बल्कि उसकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।


शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. सिद्धार्थ ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि शिक्षक अब प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे. अब एक लापरवाही से आपकी सैलरी कट जाएगी. अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इसे अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है. प्रधानाध्यापक और शिक्षक कैसे आनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे, इस संबंध में विभाग की ओर से वीडियो जारी किया गया है।

शिक्षक इस तरह दर्ज करेंगे आनलाइन उपस्थिति

सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षक गूगल प्ले स्टोर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करेंगे. इसके बाद शिक्षक अपने आइडी से ई-शिक्षाकोष एप पर लाग-इन करेंगे. जिन शिक्षकों के पास पहले शिक्षक आइडी उपलब्ध नहीं है या भूल गए है, वैसे शिक्षक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर अपना आइडी जनरेट कर सकते हैं. शिक्षक आइडी के लिए प्रधानाध्यापक स्कूल के लाग-इन आइडी से शिक्षक माड्यूल में जाकर संबंधित को आइडी उपलब्ध कराएंगे. शिक्षक अपने शिक्षक आइडी से ई-शिक्षाकोष एप में लाग-इन करने के पश्चात डैशबोर्ड पर अंकित मार्क एटेंडेंस बटन को दबाएंगे.

इस तरह बनेगी सेल्फ अटेंडेंस

विद्यालय में उपस्थित रहने की स्थिति में प्रधानाध्यापक व शिक्षक द्वारा सेल्फ एटेंडेंस के विकल्प का चयन करते हुए बटन को ना होगा. आनलाइन एटेंडेंस बनाने के लिए शिक्षकों को संबंधित विद्यालय की पांच सौ मीटर की परिधि में रहना अनिवार्य है. विद्यालय के पांच सौ मीटर की परिधि में रहने की स्थिति में शिक्षक को उनके मोबाइल स्क्रीन पर दो बटन ( एक स्कूल इन और दूसरा स्कूल आउट) दिखाई देगा. शिक्षक विद्यालय आते ही आनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए मोबाइल स्क्रीन पर अंकित स्कूल-इन बटन को दबाएंगे एवं विद्यालय से जाते समय स्कूल-आउट बटन को दबाएंगे.

फोटो एवं समय के साथ दर्ज होगी उपस्थिति
स्कूल-इन बटन को ते ही मोबाइल का कैमरा सेल्फी मोड में खुल जाएगा एवं मोबाइल स्क्रीन पर कैप्चर एवं कन्फर्म बटन दिखाई देगा. प्रधानाध्यापक व शिक्षक द्वारा पहले कैप्चर बटन क्लिक किया जाएगा. जिसके उपरांत उनका फोटो, दिनांक, एवं समय आदि स्क्रीन पर दिखाई देगा. यदि फोटो, दिनांक और समय सही है तो कन्फर्म बटन क्लिक किया जाएगा. जिसके बाद संबंधित प्रधानाध्यापक व शिक्षक का फोटो एवं समय के साथ उपस्थिति एप पर दर्ज हो जाएगी.

सरकारी काम से बाहर हैं तो मार्क आन ड्यूटी दबाएंगे

विद्यालय से अन्यत्र किसी सरकारी कार्य के लिए प्रतिनियुक्त हैं तो ऐसी स्थिति में मार्क आन ड्यूटी का विकल्प का चयन करते हुए बटन को को दबाएंगे. मोबाइल फोन के स्क्रीन पर पर दो बटन मार्क इन और मार्क आउट दिखाई देगा. मार्क इन बटन को ते हुए शिक्षक की उपस्थिति एप पर दर्ज हो जाएगी. इसी प्रकार प्रतिनियुक्त कार्य स्थल से प्रस्थान करते समय मार्क आउट का बटन दबाएंगे. एप के उपयोग के क्रम में किसी यूजर को किसी तरह की समस्या होने की स्थिति में टिकट राइज करने की सुविधा उपलब्ध है. जिसके आधार पर राज्य स्तर पर गठित प्रोजेक्ट मैनजमेंट यूनिट द्वारा तकनीकी बाधा को दूर किया जाएगा।

शुक्रवार, 24 मई 2024

बिहार में तापमान फिर से 42 डिग्री पार, सरकारी स्कूलों में तेज धूप और उमस से बेहोस हो रहे हैं बच्चे, सैकड़ों छात्र-छात्रा प्रतिदिन हो रहे हैं बीमार, शिक्षा मंत्री ने मॉर्निंग स्कूल का दिया आदेश। आदेश पालन करेंगे के के पाठक?

Patna : बिहार में तापमान फिर से 42℃ पार, सरकारी स्कूलों में तेज धूप और उमस से बेहोस हो रहे हैं छात्र , सैकड़ों बच्चे प्रतिदिन हो रहे हैं बीमार , शिक्षा मंत्री के आदेश का कब तक पालन करेंगे के के पाठक महोदय

 

बिहार में अधिकतम पर एक बार फिर तीन दिनों के बाद 40 ℃ के पार चला गया. राजधानी की अधिकतम तापमान में 4.6 और न्यूनतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, इस कारण पटना का अधिकतम तापमान 39.5℃ और न्यूनतम तापमान 29.02℃ 


 रिकार्ड किया गया.

बिहार के शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने सरकारी स्कूलों के समय में बदलाव करने का आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक को दिया है ।

वहीं शुक्रवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला 42.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बक्सर रहा. 9 शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार रहा. आज भी छठे चरण के मतदान के दिन कमोबेश गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा.

इससे पहले 20 मई को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस औरंगाबाद और डेहरी में दर्ज किया गया था. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान और न्यूनतम पर तापमान में बढ़ोतरी हुई जिस कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था.

Pathak ji शिक्षक की चिं'ता न करना है ना सही, लेकिन बच्चों को तो बचा लीजिये!| संजीव समीर की गुहार..!

बिहार में सर्वाधिक तापमान बक्सर में 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जहां एक दिन में ही 4.8 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई. इसी प्रकार अरवल में 41.9, भोजपुर में 41.3 डिग्री, गोपालगंज में 41.2 डिग्री, सासाराम में 41.01 डिग्री, सीतामढ़ी के पुपरी में 40.5 डिग्री, जीरादेई (सीवान) में 40.4 डिग्री, फारबिसगंज में 40.2 डिग्री, औरंगाबाद में 40.2 डिग्री, मुंगेर में 39.9 डिग्री, गया में 39.9 डिग्री, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) में 39.8 डिग्री, नवादा में 39.6 डिग्री, नवादा में 39.6 डिग्री, पटना में 39.5 डिग्री, अररिया में 39 डिग्री, खगड़िया में 39.01 डिग्री, नालंदा में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया.

जिला अधिकतम तापामन
बक्सर 42.5 ℃
अरवल 41.9 ℃
भोजपुर 41.3 ℃
गोपालगंज 41.2 ℃
सासाराम 41.01 ℃
पुपरी (सीतामढ़ी) 40.5 ℃
जीरादेई (सीवान) 40.4 ℃
फारबिसगंज (अररिया) 40.2 ℃
औरंगाबाद 40.2 ℃

मुंगेर 39.9 ℃

हालांकि आने वाले दिनों में फिर बिहार में जल्दी ही राहत मिल सकती है. दरअसल बंगाल की खाड़ी में रेमाल चक्रवाती तूफान 26 मई को बांग्लादेश और गांगेय पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने वाला है. इसका प्रभाव और प्रत्यक्ष रूप से बिहार पर भी पड़ेगा. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रेमाल तूफान के प्रभाव से सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के साथ ही उत्तर बिहार में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं, दक्षिण बिहार में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. इस कारण से कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलेगी.

रविवार, 28 अप्रैल 2024

बिहार शिक्षक एकता मंच की बैठक पटना के केदार भवन में संपन्न।

Patna : बिहार शिक्षक एकता मंच की बैठक उसके संयोजक श्री प्रदीप कुमार पप्पू जी की अध्यक्षता में हुई जिसका संचालन बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के महासचिव डॉ भोला पासवान ने किया। बैठक में दर्जनों शिक्षक नेताओं ने भाग लिया।
सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 
1.सक्षमता परीक्षा 2 माननीय उच्च न्यायालय पटना के आदेश से बचने का एक रास्ता सरकार के द्वारा निकाला गया है।
2.शिक्षक सक्षमता परीक्षा 2 का शत प्रतिशत बहिष्कार करें।
3. आम सहमति बनी कि पटना उच्च न्यायालय पटना के आदेशानुसार शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार सारी सुविधाएं नियोजित शिक्षकों को देनी है। इस लिए लोक सभा चुनाव के समय आनन फानम में सरकार 90 दिन के पहले विशिष्ट शिक्षक बनाकर माननीय न्यायालय के आदेश के कंडिका 60 से भागना चाहती है।
4. शिक्षकों से अनुरोध किया गया कि सक्षमता परीक्षा बाध्यकारी नहीं है।
5. पटना उच्च न्यायालय पटना के आदेश के 90 दिन पूरा होने का इंतजार किया जाए।
6. आपकी नौकरी और नियोजन इकाई दोनों अक्षुण्ण है।
7. बिहार शिक्षक एकता मंच ने गारंटी दिया कि जो भी शिक्षक सक्षमता परीक्षा का बहिष्कार करेगें उनके हक दिलाने की गारंटी हम लेते हैं।
8. बैठक के बाद सभी प्रमुख शिक्षक नेताओं द्वारा एक वीडियो संदेश भी जारी किया गया जो बहुत जल्द आप सबों तक पहुंच जाएगा या पहुंच गया होगा।

रविवार, 24 सितंबर 2023

नियोजन इकाइयों से बाहर निकलेंगे शिक्षक | नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा | कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी |

नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा

■ कैबिनेट से मंजूरी लेने की तैयारी 
■ नियोजन इकाइयों से बाहर निकलेंगे शिक्षक

पटना : राज्य मे नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा जल्द मिलने के आसार हैं। माना जा रहा है कि नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी लेने की तैयारी है।
राज्य मे प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक मे नियोजित शिक्षकों की संख्या 3 लाख 80 हजार के करीब है। इन विद्यालयों मे नियोजित शिक्षकों की यह संख्या छह चरणों की बहाली के बाद पहुंची है। राज्य मे प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों मे नियोजित शिक्षकों की बहाली वर्ष 2006 मे नियत वेतन पर शुरू हुई थी। तब, उन्हें इंक्रीमेंट 3 साल पर मिला करता था।

बुधवार, 30 अगस्त 2023

छुट्टी में संशोधन के आदेश पर पुनर्विचार करे सरकार

पटना. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा बिहार के प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश की कटौती पर शिक्षकों की नाराजगी उभरने लगी है। शिक्षक सरकार से मांग कर रहे है की उनसे अवकाश के अधिकार को न छीना जाए।

 इस पूरे प्रकरण पर टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक ने बिहार सरकार से अपील करते हुए कहा है कि अचानक से शिक्षकों को विभिन्न पर्व त्योहारों में मिल रहे अवकाश से शिक्षक असंतुष्ट हो रहे है एवं इससे उन्हें सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। 

एक तो शिक्षक पहले ही अपने परिवार से कोशो दूर पदस्थापित है तथा इन्ही पर्व त्योहारों में वे अपने परिवार से मिल पाते है और दूसरा विभिन्न त्योहारों में छुट्टी रद्द कर देने से उनमें सरकार की प्रति उत्कंठा का भाव जागेगा एवं वे तनावग्रस्त हो सकते है। 

वही दूसरी ओर अगर बात की जाए वर्ष में शैक्षणिक दिवसों की तो वर्षभर में शिक्षकों को देय अवकाश को छोड़कर भी दो सौ बीस दिन से अधिक वर्ग संचालित हो जाती है एवं नई शिक्षा नीति में भी बच्चो के लिए विद्यालय का समय कम करने की बात की जा रही है। त्योहारों के समय इस प्रकार अवकाश रद्द कर देने से छात्रों को भी परेशानी होगी।

विशेष खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

 हम सरकार से अपील करते है की वे अपने आदेश पर पुनर्विचार करते हुए अपना आदेश वापस ले। इस आदेश से विगत दिनों शिक्षक और सरकार के मध्य जो विश्वास  कायम हुआ था वह भी टूट रहा है। अगर फिर भी विभाग को लगता है की जनगणना, आपदा चुनाव आदि से पढ़ाई प्रभावित हो रही है तो विभाग शिक्षकों को इन कार्यों से मुक्त रखे।

मंगलवार, 29 अगस्त 2023

छुट्टी रद्द होने से बिहार के शिक्षको में गुस्सा | विरोध के सुर तेज होने के आसार,,। अब शिक्षक चुप नहीं बैठेंगे

Patna : बिहार सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा एक पत्र जारी किया गया है जिसमे विभिन्न पर्व त्योहार की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है और दुर्गा पूजा दीवाली और छठ की छुटियों में कटौती कर दिया गया है जिससे शिक्षक समाज मे रोष व्याप्त है।



 शिक्षक नेता सह बिहार पंचायत नगर प्राथमिक शिक्षक संघ (मूल) के प्रदेश महासचिव जयंत कुमार सिंह ने कहा कि अत्यंत दुख के साथ अब महसूस ही नहीं हो रहा बल्कि यह एक्सेप्ट करना होगा कि हम लोग आजाद देश के गुलाम शिक्षक हो चुके है।


यहाँ👇क्लिक करके देखें पूरी खबर

शिक्षा विभाग ने छुट्टियों का बजाया बैंड | 14 छुट्टी रद्द करने से शिक्षक समाज मे आ*क्रोश


उन्होंने आगे कहा कि माननीय नीतीश कुमार जी को को शिक्षा में सुधार से मतलब नहीं है। जानबूझकर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। शिक्षको और स्कूली बच्चों को साल में 60 दिन का अवकाश बिहार शिक्षा संहिता सेवा के आधार पर कानून के तहत मिलताआ रहा है। गौर करने की बात है आज जो बिहार सरकार के द्वारा संशोधित अवकाश पत्र निकाला गया है उसमें इस बात की चर्चा भी है कि शिक्षा अधिकार कानून के तहत साल में 200 से 220 दिन प्रारंभिक स्कूलों में अध्ययन अध्यापन के लिए खोलना है। 


इस प्रकार साल में 365 दिनों में60 पर्व त्यौहार का छुट्टी और52 रविवार दोनों मिलकर 112 दिन छुट्टी होता है इस प्रकार365-112=253 दिन होता है 220 दिन के जगह 253 दिन हो जाता है तो फिर किस हिसाब से छुट्टी कटौती की गई है समझ से परे है? उन्होंने कहा- "सीधा-सीधा शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करने की गहरी साजिश है!"




उन्होंने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से मैं काफी मर्माहत हूं और संगठन का नाम लिखने एवं अपने आप को नेता कहने का हिम्मत हमारे अंदर नहीं हो पा रहा है अपने आप को पंगु महसूस कर रहा हूं शायद इस घटना के बाद भी सभी शिक्षकों और शिक्षक नेताओं का जमीर जाग जाए!


आज जारी किये गए नए अवकाश तालिका के अनुसार सभी जिले का लगभग 12 से 15 दिन की छुट्टी कटौती का आदेश निर्गत करना सरकारी स्कूल के शिक्षको के साथ साथ शिक्षा अधिकार कानून  के आलोक में शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ साथ स्कूली बच्चों का भी शोषण है।


 उन्होंने आगे कहा- अफसरशाही की परकाष्ठा है। सरकार  से लड़ने के लिए सभी संगठन कमर कस लें या अपने आप को संगठन  का नेता कहना बन्द कर दें। जब हम सभी शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते तो हमें नेता कहाने और संगठन चलाने का अधिकार भी नहीं है।

            



राज्यकर्मी जरूर मिलेगा -मार्कण्डेय पाठक

बिहार के शिक्षकों पर चला के के पाठक का डंडा , 6000 शिक्षकों का कटा वेतन

बिहार पटना :–बिहार में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का वेतन बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग ने काटा है , बताया जाता हैं कि पहले भी लगभग 11 हजार शिक्षकों का वेतन शिक्षा विभाग ने काटा है , अब 6 हजार और शिक्षकों का वेतन काटने की तैयारी शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है।


शिक्षकों के वेतन कटौती विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण हो रही हैं । शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण किया जिसमें विद्यालयों में अनुपस्थित मिले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग करवाई की तैयारी शुरू कर चुकी हैं ।

बिहार की शिक्षा विभाग को दुरुस्त करने में लगे एसीएस केके पाठक लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं। स्कूलों में शिक्षक नियमित आएं, इसके लिए उन्होंने सख्त आदेश दिए कि स्कूलों से पूर्व अनुमति के बगैर गायब रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को लेकर शिक्षा विभाग सख्त है और कार्रवाई की जाएगी।

विभाग में भी यह नजर भी आने लगा है। शिक्षा विभाग ने पिछले दो माह में छह हजार से भी अधिक शिक्षकों का वेतन काटा है। वहीं, 55 शिक्षकों को गैरहाजिर रहने समेत विभिन्न मामलों में निलंबित किया गया है।

जिलों से प्राप्त रिपोर्ट बताती है कि राज्य के चार जिले पूर्वी चंपारण, जमुई, शिवहर और सारण जिले में एक जुलाई से लेकर अभी तक एक भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा गया है। वहीं, भागलपुर जिले में दो, अरवल में तीन तथा खगड़िया और रोहतास में नौ-नौ शिक्षकों का वेतन कटा है। अन्य जिलों में दस से लेकर 300 शिक्षकों तक का वेतन काटा गया है।

बीते दो महीने के भीतर 55 शिक्षकों को विभिन्न कारणों से निलंबित किया गया है। इन सबसे ज्यादा करीब 26 शिक्षक एक ही जिले सीतामढ़ी से हैं। दूसरे नंबर पर बांका जिला है, जहां 6 शिक्षक सस्पेंड हुए हैं। बीते दो महीने में राज्य के 24 जिलों मेंएक भी शिक्षक निलंबित नहीं हुआ है।

हर एक विद्यालय का सप्ताह में कम-से-कम दो बार निरीक्षण हो, इसका आदेश विभाग ने जारी किया है। साथ ही जिलों से निरीक्षण की रिपोर्ट भी प्रतिदिन विभाग को जिलों के माध्यम से प्राप्त हो रही है। जिलों को निर्देश है कि निरीक्षण में न सिर्फ अनुपस्थित पाए गए शिक्षक, बल्कि उनपर करवाई हुई है, इसकी रिपोर्ट विभाग को करना है।जिससे अब शिक्षक भी समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं।

सोमवार, 28 अगस्त 2023

नियोजित शिक्षकों के ट्रान्सफर मुद्दे पर Court ने सरकार को फटकार लगाई |

 



PATNA : नियोजित शिक्षकों के ट्रान्सफर मुद्दे पर Court ने सरकार को फटकार लगाई | अगली बार सरकार काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं करेगी तो एकतरफा फैसला सुना देगी कोर्ट...
यहाँ 👇

देखे पूरी खबर।

सुनवाई के बाद अपीलकर्ता के वकील ने बताया कि सरकार इसके पूर्व चार बार डेट ले चुकी है। कोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए कहा कि अगर अगली सुनवाई में सरकार अपना पक्ष नहीं रखती है तो न्यायालय नियोजित शिक्षकों के पक्ष में एकतरफा फैसला सुना सकती है।

रविवार, 27 अगस्त 2023

अब 06 माह से पहले नहीं बन पाएंगे राज्यकर्मी

 पटना : अब बिहार के शिक्षक बनने के लिए अभी और करना होगा इंतज़ार। बिहार के अपर मुख्य सचिव के पत्र को माने तो अभी BPSC द्वारा बहाली होने में 5-6 महीने का वक्त लगेगा। ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 15 अगस्त 2023 को गाँधी मैदान से घोषणा की गई थी कि बिहार के नियोजित शिक्षकों को BPSC से बहाली के बाद सरकारीकरण करने की बात इशारों इशारे में कहा था। 

यहां 👇क्लिक करके देखें पूरा खबर

अभी 06 माह राज्यकर्मी के लिए करना होगा इंतज़ार

ज्ञात हो कि इसके पूर्व में सभी दलों के प्रमुख नेताओं और शिक्षक एमएलसी के साथ वार्ता में भी सकारात्मक बातों की चर्चा जोड़ो पर थी। 


ऐसे में देखने वाली बात है कि जब तक बीपीएससी से बहाली नहीं हो जाती है तब तक शिक्षकों के राज्यकर्मी के मुद्दे पर कुछ भी कहना मुश्किल है और शिक्षक बहाली 6 माह में भी हो ही जाएगी इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। जरा भी बहाली में लेट हुआ तो लोकसभा का इलेक्शन भी होने वाला है उसका आचार संहिता लगने के बाद फिर कब तक होगी राज्यकर्मी का घोषणा ये भी कहना मुश्किल है। फिर 2025 में भी विधानसभा का चुनाव है। ऐसे में साल दो साल भी लग सकता है।
कुल मिलाकर कहे तो नीतीश कुमार चाहेंगे तो ही घोषणा हो सकती है।

शनिवार, 26 अगस्त 2023

शिक्षक अब मेंटर की भूमिका में | TEACHER NOW IN MENTORS ROLL

किसी देश के निर्माण में एक शिक्षक यानी गुरु का बहुत बड़ा योगदान होता है। आज के दौर में शिक्षक केवल पढ़ाने वाला शिक्षक ही नहीं है बल्कि मेंटर (mentor) यानी पथ प्रदर्शक भी है।  शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देता बल्कि छात्र को सही दिशा प्रदान करता, जिससे उसका विकास हो सके।  आइए इस लेख से जाने की एक शिक्षक किस तरह से मेंटर की भूमिका में आ सकता है। मेंटर का अर्थ गाइडिंग करने वाला व्यक्ति होता है। पढ़ाई हमें ज्ञान देता है लेकिन समाज में उसका उपयोग कैसे करना है, अपना भविष्य कैसे बनाना है? इन सब बातों को व्यवहारिक तौर पर लागू करना और छात्रों की समस्याओं का समाधान एक टीचर के रूप में मैंटर ही 
कर सकता है।



 नई शिक्षा नीति के अनुसार एक मेंटर बच्चों में चरित्र का विकास और उसमें नैतिक विकास का बीज रोपण करता है।  मेंटर की भूमिका समाज में बहुत बड़ी होती है और शिक्षक को एक मेंटर होना चाहिए क्योंकि वह अपने छात्रों को सही दिशा और उसके सही भविष्य के लिए उनकी सहायता कर सकें। Now Teacher As Mentor की भूमिका में है।

 

शिक्षक को मेंटर बनने की ट्रेनिंग

अगर हम दार्शनिक दृष्टिकोण डाले तो वास्तव में एक शिक्षक गुरु हमारे गुरुकुल में एक मेंटर की भूमिका में ही होते थे। गुरुकुल में पढ़ाने वाले गुरु शिष्य के संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण करते थे। नैतिक मूल्य और चरित्र के विकास में गुरुकुल का बड़ा ही योगदान होता था और उसमें  ज्ञान देने वाले गुरु एक तरह से पथ प्रदर्शक मेंटर ही होते थे। नई शिक्षा नीति में शिक्षकों को मेंटर बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग हमारे गुरुकुल शिक्षा प्रणाली में और भारतीय दर्शन में पथ प्रदर्शक यानी मेंटर के ज्ञान को आधुनिक शिक्षकों में ट्रेनिंग के माध्यम से दिया जा रहा है। (Now Teacher As Mentor)

 

शिक्षक की सोच मेंटर वाली क्यों होनी चाहिए?

टीचिंग के यूनिक प्रोफेशन में खुद को एक प्रोफेशनल से ज्यादा शिक्षक एक राष्ट्र निर्माता यानी नेशन बिल्डर की तरह स्वयं को देखता है। बच्चों को सही ज्ञान के साथ सही मार्गदर्शन करना,  शिक्षक के रूप में मेंटर का काम होता है।  आइए जानें कि किस तरह से एक शिक्षक स्वयं को मेंटर  बना सकता है और  वह छात्रों के भविष्य को संवार सकता है। 

  • किसी भी बालक को शिक्षा से ज्यादा उसे गाइडेंस की आवश्यकता होती है। यह गाइडेंस एक मेंटर ही दे सकता है। 
  •  पहले एक शिक्षक की तरह सोचते थे लेकिन जब आप एक मेंटर की तरह सोचना शुरु करेंगे।   बच्चों की समस्या का समाधान प्रश्न पूछने के लिए बच्चों को प्रेरित करेंगे तो  उनकी हर समस्याओं का समाधान आप बड़ी आसानी से दे सकते हैं।
  •  हर बच्चे में विश्लेषणात्मक सोच की शक्ति पैदा करने के लिए अपने पढ़ाने के तरीके में बदलाव लाएंगे।
  •  अपने विषय वस्तु को पढ़ाते समय उसमें नैतिकता और चरित्र निर्माण के टूल्स की तरह इस्तेमाल करेंगे। नयी तकनीक और नये तरीके कक्षा में पढ़ते समय प्रयोग करेंगे।
  •   रोज अपने अनुभव को डायरी में लिपिबद्ध करेंगे।  
  • शिक्षा से संबंधित लेखन कार्य से लोगों को जागरूक भी करेंगे।
  •   पढ़ाने के तरीके में  नए टीचिंग मेथड उपयोग किया जाएगा।  खेल खेल में प्रभावशाली शिक्षा देने के लिए नए टीचिंग मेथड अपनाया जाएगा। 
  •  दुनिया में शिक्षा के लिए कौन-कौन से सुधार हो रहे हैं, और कौन-कौन से अनुसंधान हो रहे हैं, उनकी जानकारी रखना और नए प्रयोग करके अपने देश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना।  इस काम के लिए भी होते हैं।
  •  व्यवहारिक रुप से बदलाव की ओर अग्रसर होंगे और चिंतन मनन के द्वारा नए तरीकों को भी खोजने की पहल करेंगे और अपने साथी टीचरों से यह बात साझा भी करेंगे। इसके लिए विभिन्न प्रकाशन माध्यम और डिजिटल माध्यम का प्रयोग भी आप करेंगे।

रविवार, 20 अगस्त 2023

नियोजित शिक्षकों को मिला कांग्रेस का साथ।

नई शिक्षक नियमावली के विरोध में उतरी कांग्रेस,  कांग्रेस मुख्यमन्त्री नीतीश कुमार के लिए बन गए गले की घण्टी, अब नियोजित शिक्षकों को हॉग्स बड़ा फायदा


बिहार :–शिक्षक नियुक्ति नियमावली को लेकर बिहार के शिक्षकों का विरोध जारी है. अब सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक दलों ने भी इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी है. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है कि पिछले कई वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों के प्रति सहानुभूति दिखाने की आवश्यकता है.

कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने रविवार को कहा कि नई शिक्षक नियोजन प्रणाली पर बिहार के मुख्यमंत्री से हम भी अनुरोध करेंगे कि इस पर वे सहानुभूति पूर्वक निर्णय लें. जिन शिक्षकों ने लंबे अरसे तक पढ़ाया है उनके समायोजन पर भी विचार किया जाए.

उन्होंने कहा कि नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली को हमलोग भी उचित नहीं मानते हैं. जिन शिक्षकों ने 15 वर्ष तक पढ़ाया अब उनकी योग्यता पर सवाल किया जा रहा है. इसे हम लोग उचित नहीं मानते हैं. उनके समायोजन का भी विचार किया जाए. इसके पहले वामपंथी दलों ने भी नीतीश सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई थी. अब कांग्रेस भी इस मुद्दे पर नीतीश सरकार के खिलाफ हो गई है. वहीं शिक्षकों ने पहले ही इस मुद्दे पर आंदोलन की धमकी दे रखी है.

इस बीच, जातीय जनगणना के मुद्दे पर अखिलेश सिंह ने भाजपा को जमकर लताड़ा. उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर पटना हाई कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उस पर अब बिहार सरकार फिर से कोर्ट गई है. उन्होंने कहा कि भाजपा का यह आरोप कि नीतीश सरकार की मंशा ही जातीय गणना कराने की नहीं है पूरी तरह से बेबुनियाद है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के लोग ही हाईकोर्ट गए थे और गणना पर रोक की मांग की. ऐसे में बिहार की जनता जानती है कि किसकी मनसा जाति गणना पर रोक लगाने की थी.

वहीं बिहार में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि बजरंग दल की जो मनसा और कारगुजारियां रही हैं उसे भारतीय जनमानस के लोग नहीं स्वीकारते हैं. भारतीय संविधान सभी जाति और धर्म के लोगों को एक समान दृष्टि से देखता है. उसी के अनुसार चलता है. ऐसे में बजरंग दल को भारतीय जनमानस स्वीकार नहीं करता है .

नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली?

आखिर नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली? भूलकर भी ये गलती नहीं करें!? देखिये पूरी जानका...