बिहार शिक्षा विभाग, शिक्षक, संघ-संगठन, नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, BPSC शिक्षक, टोला सेवक, रसोइया इत्यादि से जुड़ी खबर
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली?
मंगलवार, 4 फ़रवरी 2025
Physical_Teacher को लेकर बुरी तरह फंस चुकी है बिहार सरकार....! शारिरिक शिक्षकों की होगी बल्ले बल्ले ! सरकार को देना होगा 2 से ढाई लाख एरियर!
रविवार, 15 दिसंबर 2024
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा अनुशंसित प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक के साथ साथ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा प्रकाशित परीक्षाफल के अनुसार सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण स्थानीय निकाय के शिक्षकों के काउंसलिंग से संबंधित संशोधित पत्र हुआ जारी।
सोमवार, 7 अक्टूबर 2024
BPSC एवं सक्षमता पास शिक्षकों के लिए बड़ी खबर
शनिवार, 21 सितंबर 2024
शिक्षक संगठन की बात नहीं मानना शिक्षकों के लिए भारी नुकसान - जयंत सिंह
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आज शिक्षक नेता जयंत सिंह ने बिहार जे शिक्षकों के संदर्भ में बहुत बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि- आज मेरे पास बहुत साथियों का फोन आ रहा है लगातार, पता नहीं क्यों आ रहा है? यह मैं नहीं बता सकता। परंतु इतना जरूर कहूंगा कि यदि संगठन की बात को मानकर हम लोग अपने मूल लड़ाई समान काम के समान वेतन पर अडिग रहते , सक्षमता का पूर्ण बहिष्कार करते तो सरकार की हालत बद से बदतर हो जाती परंतु शिक्षक नहीं माने!
उन्होंने आगे बताया- आज भी वक्त है ,अभी भी यदि एक स्वर में सारे शिक्षक यह बोल दें कि हम लोग सक्षमता का पूर्ण बहिष्कार करते हैं कोई ज्वाइन नहीं करेगा तो मैं वादा करता हूं की विधानसभा चुनाव से पहले सब कुछ हमारी जो मूल लड़ाई थी वह लेकर के रहेंगे शिक्षकों की अस्मिता कायम हो जाएगी!
अभी भी बिहार में70 हजार से ऊपर साथियों ने अपनी अस्मिता को बचाने के लिए सक्षमता का पूर्ण बहिष्कार किया मैं उन सभी क्रांतिकारी साथियों को चरण वंदन करता हूं और हमेशा करता रहूंगा !
सुबह का भूला हुआ शाम को जो साथी वापस लौट रहे हैं सक्षमता देने के उपरांत भी लगातार फोन आ रहा है मेरे पास उन सभी साथियों को भी संगठन के माध्यम से गले लगाने का काम करूंगा!
सरकार के द्वारा एक-एक करके आपस में तोड़ने और झगड़ा करवाने की नीति फिर से एक बार चलाई गई है ,हमारे जो छोटे भाई आज नियुक्त हुए हैं बीपीएससी के माध्यम से उन सभी को विद्यालय का प्रभारी बनने के नाम पर आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार उनका वोट लेने की पूरी साजिश कर रही है !
अभी वर्तमान में हमारे नवनियुक्त शिक्षक साथियों को अच्छा लग रहा होगा, लगना भी चाहिए क्योंकि उनको विद्यालय का प्रभारी जो बनाया जा रहा है!
परंतु मैं उन बीपीएससी शिक्षक साथियों से कहना चाहूंगा कि आप मेरी बात को अपने दिमाग में कहीं लिख लेंगे यह सरकार किसी की नहीं है जैसे ही विधानसभा चुनाव समाप्त होगा आपको भी दरकिनार करके नीतीश जी अगला शिकार खोजेगे! मैं 20 वर्षों से इस सरकार की एक-एक गतिविधि का आकलन कर रहा हूं!
अब सरकार के इस जाल में फंसकर शिक्षक आपस में लड़ना शुरू कर दिए और क्यों नहीं लड़ेंगे एक आदमी 20 वर्ष से काम कर रहा है और एक शिक्षक आज 9 महीने से काम कर रहा है !
9 महीने वाले को प्रभारी बना दिया जाए तो 20 वर्ष वाला तो लड़ेगा ही अब दोनों शिक्षक को सरकार लडवा कर वोट का मजा लेगी !
यह सब कोई जान रहा है कि मामला कोर्ट में जा चुका है नियमावली सर्वव्यापी है एक तरफ 10 वर्ष सेवा होने के बाद प्रधानाध्यापक में प्रोन्नति का नियम है और दूसरी तरफ सरकार के द्वारा 9 महीने में प्रधानाध्यापक बनाया जाना हंसी का पात्र बनकर रह जाएगा बहुत जल्द सब कुछ सामने आ जाएगा!
ऐसा नहीं कि मैं बीपीएससी शिक्षक भाई का विरोध कर रहा हूं बल्कि मैं हकीकत से अवगत करा रहा हूं ,यहां पर सिर्फ और सिर्फ आपस में लड़वाया जा रहा है!
अभी औरंगाबाद जिला में देखने में आ रहा है हाई स्कूल का एक नियोजित टीचर जिनका जब तक मन किया नियोजित टीचर का नौकरी किया ,इसके बाद अपने आप को नियोजित शिक्षकों का रहनुमा बताकर नियोजित शिक्षकों को ब्लैकमेल करके एमएलसी का चुनाव लड़ गए नियोजित शिक्षकों ने आगे बढ़कर अन्य प्रत्याशियों से मतभेद मनभेद करके उक्त शिक्षक प्रत्याशी को अपना वोट भी दिया परंतु यह महानुभाव चुनाव हार गये !
फिर इन्होंने अपना नया जगह तलाश किया और बीपीएससी शिक्षक बन गए, जब बीएससी शिक्षक के नियमावली में ही केके पाठक जी के द्वारा संगठन नहीं बनाने का घोषणा कर दिया गया है, फिर कैसे अपने आप को यह महानुभाव बीपीएससी का नेता बोल रहे हैं!
यह फिर से एक बार कहीं ना कहीं बीपीएससी शिक्षकों को भी नियोजित शिक्षकों की तरह ठगने का प्लान कर रहे हैं और प्रभार संबंधी जो पत्र निकाला है इस मामले में सोशल मीडिया पर खूब उछल रहे हैं!
अब मेरा इतना कहना आप सभी समझ गए होंगे कि वह कौन है!
खैर चलिए कोई बात नहीं है अभी भी सारे शिक्षक यदि जाग जाए तो विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की ईट से ईट बजा देंगे हम लोग सड़क पर का कोई मजदूर नहीं है 20 वर्षों से अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बदौलत बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का काम किए हैं कोई चाहे की दूध की मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दें यह बर्दाश्त नहीं होगा!
इसी संदर्भ में कल 22 सितंबर को बिहार के सभी जिला में हम लोग बैठक रखे हुए हैं यदि हमारी बात अच्छी लगे तो आप सभी बैठक में निश्चित रूप से अपना बहुमूल्य समय निकालकर पहुंचे, हम अपने पूर्व के लेख में बता चुके हैं कि इस बार औरंगाबाद में जिला का जो बैठक है वह मां उमगेश्वरी की धरती मदनपुर प्रखंड में संपन्न होगा, जिसका समय 11:00 से निश्चित है, स्थान प्रखंड संसाधन केंद्र उक्त बैठक में जिले के तमाम शिक्षक सादर आमंत्रित है!
उपरोक्त बातें बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के प्रदेश महासचिव सह जिला अध्यक्ष औरंगाबाद, जयंत सिंह ने दी।
गुरुवार, 19 सितंबर 2024
विद्यालय निरीक्षण की निगरानी खुद से ACS करेंगे, निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करने वाले कर्मी व अधिकारीयों पर होंगी कड़ी करवाई, सेवा तक हो सकती है समाप्त!
विद्यालय निरीक्षण की निगरानी खुद से ACS करेंगे, निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करने वाले कर्मी व अधिकारीयों पर होंगी कड़ी करवाई, सेवा तक हो सकती है समाप्त!
इसी क्रम में विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. एस सिद्धार्थ ने निर्देश दिया है कि मुख्यालय के सभी अधिकारियों की स्कूल निरीक्षण की रिपोर्ट निदेशक के माध्यम से उनके पास आएगी, ताकि उस पर तत्काल आवश्यकतानुसार निर्णय ले सकें।
इस संबंध में शिक्षा वभाग द्वारा जिला और विभागस्तर पर अलग-अलग निरीक्षण कराया जाता है. मुख्यालय से भेजे जाने वाले पदाधिकारियों को जिला आवंटन विभाग स्वयं करता है।. पदाधिकारी करीब तीन महीने तक एक ही जिले के स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, ताकि इस दौरान वह कमियों को दूर करा सकें।
जिलास्तर पर स्कूलों के निरीक्षण कार्य देने की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्तों को दी गयी है. शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि स्कूलों के निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति नहीं चलेगी. स्कूल में सुधार अनिवार्य रूप से होना और दिखना चाहिए तभी, सरकारी स्कूलों के प्रति बच्चों और अभिभावकों में विश्वास जगेगा. इससे स्कूलों में बच्चों की संख्या में इजाफा होगा और शिक्षा की गणुवत्ता में भी सुधार होगा।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सौंपे जाने वाली रिपोर्ट से अलग होगी विभाग ने यह भी कहा है कि स्कूल में सुधार नहीं पाये जाने पर निरीक्षण करने वाले संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी।. विभाग के पदाधिकारी निरीक्षण रिपोर्ट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में जमा करते रहे हैं. मगर अब वह एक अलग से भी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें स्कूल की कमियों के साथ-साथ उसमें सुधार के उपाय भी बताएंगे. यह रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से अपर मुख्य सचिव के पास जाएगी। रिपोर्ट और सुझाव पर तत्काल कार्रवाई होगी।
स्कूल संचालन में आ रही कठिनाइयों को देखेंगे।
विभाग ने पदाधिकारियों को कहा गया है कि स्कूल में निरीक्षण के दौरान वह पर्याप्त समय वहां पर देंगे. स्कूल की हर गतिविधि, पठन-पाठन और उपलब्ध सुविधाओं का संपूर्णता में निरीक्षण करेंगे।. साथ ही निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक तथा शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे और जानेंगे कि स्कूल के संचालन में किस तरह की कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
बुधवार, 11 सितंबर 2024
शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर सामने आई बड़ी खबर।
रविवार, 23 जून 2024
कैसे करें ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षक रजिस्ट्रेशन, लॉग इन एवं डाटा अपडेट?
शुक्रवार, 7 जून 2024
शिक्षा विभाग के ACS का प्रभार लेते ही डॉ0 एस0 सिद्धार्थ ने धराधर लिये कई महत्वपूर्ण फैसले || नए आदेश से शिक्षकों, बच्चों व अभिभावकों को मिलेगी राहत ||
PATNA : बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों के छात्र-छत्राओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।विद्यार्थियों को बिना आधार के साइकिल और पोशाक समेत अन्य योजनाओं के पैसे नहीं मिलेंगे। हालांकि, जिन छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड नहीं है, उनके आधार कार्ड इसी माह में ही बनवाये जाएंगे।
इस संबंध में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार एवं अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की ओर से सभी जिलों को निर्देश दिया गया है।
प्रशिक्षण नहीं लेने वाले शिक्षकों का इंक्रीमेंट बंद होगा
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य किया है। प्रशिक्षण नहीं लेने वाल शिक्षकों को इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों का आंतरिक मूल्यांकन भी होगा।
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आगाह किया गया है कि शिक्षकों को वेतन या सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने की शिकायत शिक्षा विभाग में नहीं पहुंचनी चाहिए।
यह भी हिदायत दी गई है कि छात्रों के टीसी पर काउंटर सिग्नेचर के लिए पैसे लेने की शिकायत बिल्कुल नहीं आनी चाहिए।
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी क्षेत्र में घूमेंगे। अगर बच्चे कहीं खेलते पाये जाएंगे, तो उनसे यह पूछेंगे कि वे किस स्कूल के हैं। अगर बच्चे अनामांकित होंगे, तो उनका दाखिला कराएंगे।
शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन होगा। आवश्यकता के अनुसार अब शिक्षकों की नियुक्ति होगी। विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात भी तय होगा।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचेंगी जीविका दीदियां
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच जीविका दीदियां करेंगी।
दीदियां गी कि तय मात्रा के मुताबिक बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसे जा रहे हैं या नहीं। जांच के क्रम में किचेन की व्यवस्था भी देखी जाएगी।
सभी स्कूलों में आधारभूत संसाधन को सुदृढ़ करने का फैसला
शिक्षा विभाग ने सभी 75 हजार सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संसाधन को सुदृढ़ करने का फैसला किया है। विद्यालयों में किताबों की 10 लाख प्रतियां जल्द उपलब्ध होंगी।
ये किताबें विद्यालयों के पुस्तकालयों में रखी जाएंगी। इन किताबों को वैसे बच्चे पढ़ेंगे, जिनकी किताबें फट गई हों या खो गई हों।
मंत्री सुनील कुमार ने अपर मुख्य सचिव के साथ शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों व जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
(Report By- Sanjeev Sameer)
शिक्षा विभाग की बड़ी खबर || पाठक जी के जाते ही शिक्षकों अब मिली थोड़ी राहत || स्कूलों में पदस्थापित/प्रतिनियुक्त शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों को मिलेगा 20 मिनट का अल्पाहार-अवकाश || पत्र हुआ जारी....
ACS K K Pathak के जाते ही ढिलाई शुरू || अब नई समय के साथ शिक्षकों को मिलेगा अल्पाहार की छूट्टी ||
https://youtu.be/6Ejfnnsxzjs
नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली?
आखिर नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली? भूलकर भी ये गलती नहीं करें!? देखिये पूरी जानका...
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सिवानः सरकारी आदेशों की अनदेखी, BEO श्रवण कुमार निलंबित । ACS एस0 सिद्धार्थ की जांच में अनियमितता का है मामला। http://shikshatak...
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आखिर नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली? भूलकर भी ये गलती नहीं करें!? देखिये पूरी जानका...
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शिक्षा विभाग के खिलाफ बोलना पड़ सकता है महंगा | बोले तो अब होगी करवाई! Facebook, YouTube, X... पर लिखा, या वीडियो बनाया तो होगी ...