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रविवार, 12 जनवरी 2025

Online हाजिरी के नाम पर #ऑनलाइन_Fraud | शिक्षकों को इंसाफ कब? | सावधान रहें, सतर्क रहें!

शिवहर : Online हाजिरी के नाम पर शिवहर के 50 शिक्षकों के साथ ऑनलाइन Fraud तो हो गया। लेकिन शिक्षकों को इंसाफ कब मिलेगा पता ही नहीं?  सावधान रहें, सतर्क रहें!

आइए बताते चलते हैं पूरा मामला क्या है?

पूरा वीडियो यहां👇 देखिये

Online हाजिरी के नाम पर #ऑनलाइन_Fraud | शिक्षकों को इंसाफ कब? | सावधान रहें, सतर्क रहें!

https://youtu.be/YX7_LEFHC0Q

बिहार शिक्षा विभाग से पहले कॉल... फिर मोबाइल नंबर पोर्ट, शिवहर के 50 शिक्षकों के साथ तो खेल हो गया; जानें


Bihar Teacher News: शिवहर जिले के लगभग 50 शिक्षक साइबर ठगी का शिकार बने हैं। साइबर अपराधियों ने शिक्षा विभाग का कर्मी बता कर बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा लिए। शिक्षकों के मोबाइल नंबर ब्लॉक और बिना ओटीपी के खाते साफ किए गए।

 फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

साइबर अपराधी लोगों के खातों से पैसे उड़ाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं और लोग फंस भी जा रहे हैं। खास बात यह है कि अधिक पढ़े-लिखे लोग भी साइबर अपराधियों की झांसे में फंस जाते हैं और कुछ न कुछ पैसे गवां बैठते हैं। इस बीच, साइबर अपराधियों के ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता कि साइबर अपराधी ऐसे भी ठग सकते हैं। शिवहर जिले के करीब 50 शिक्षक ठगी के शिकार बने हैं।

अपराधी ने शिक्षा विभाग का कर्मी बता ठगा

बताया गया है कि साइबर अपराधी ने खुद को शिक्षा विभाग का कर्मी बता शिवहर जिले के 50 से अधिक शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति दर्ज कराने के बारे में जानकारी दी। इसके तीन दिन बाद साइबर अपराधी ने शिक्षकों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए, वहीं बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ा भी लिए। हैरत की बात यह कि बगैर ओटीपी लिए खातों से रुपये उड़ाए गए हैं। ठगी का शिकार बनने की खबर के बाद शिक्षक एक-एक कर शिवहर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा रहे हैं।


शिकायतों पर जांच में जुटी पुलिस

बताया जा रहा है कि करीब 50 शिक्षकों के बैंक खाते से दस लाख से अधिक की रकम उड़ा ली गई है। वैसे प्रभावित शिक्षकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि शिकायतों के आलोक में जांच शुरू कर दी गई है। खबर है कि सोमवार को शिवहर जिले के दर्जनों शिक्षकों को उनके मोबाइल नंबर पर 7654520351 से कॉल आया। कॉल करने वाला शख्स खुद को शिक्षा विभाग का कर्मी बताया। उसने शिक्षकों से ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति दर्ज करने के बारे में जानकारी ली। साथ ही उनके आधार कार्ड, ईमेल आइडी और ईपीएएफ अकाउंट आदि की जानकारी देते हुए ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति दर्ज कराने में हो रही असुविधा के बारे में बात की।

फिर मोबाइल नंबर 7903231176 से उसी व्यक्ति ने वाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और शिक्षकों को स्क्रीन शेयर करने का निर्देश दिया। शिक्षकों ने स्क्रीन शेयर कर लिया। बुधवार रात से मोबाइल नंबर ब्लॉक होने लगे और शिक्षकों के सैलरी अकाउंट से रुपये कटने लगे। शिक्षकों ने जब सिम ब्लाक होने के बारे मे मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से बात की तो पता चला कि मोबाइल नंबर पोर्ट कर लिए गए हैं। इसके बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया और वे संबंधित मोबाइल नंबर से जुड़े खातों को बंद करा दिया।


ये भी बने है साइबर अपराध के शिकार

साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार बने कलावती जियालाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक मो, शमसे आलम ने बताया कि वाट्सएप वीडियो कॉल करने वाले का चेहरा नहीं दिख रहा था। बताया कि साइबर ठग के पास शिक्षकों से संबंधित तमाम डेटा उपलब्ध थे। उनकी सैलरी में महज एक हजार रुपये थे, जिसे साइबर बदमाश ने उड़ा दिए। उन्होंने साइबर थाने में प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। इसी विद्यालय की शिक्षिका अनामिका निधि ने भी साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इधर, पिपराही के नवीन कुमार, मनोज कुमार और मो. इरफान आदि शिक्षकों ने बताया कि उनके नंबर पर भी कॉल आया था, लेकिन उन लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया।

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