बुधवार, 11 सितंबर 2024

छात्रों का नोटबुक तय करेगा शिक्षकों का भविष्य, अधूरा रहा तो जाएगी नौकरी! ACS एस सिद्धार्थ ने गुरूजी के काम के आकलन का निकाला खास तरीका, अब खैर नहीं

पटना. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद पर आते ही एस सिद्धार्थ ने राज्य के स्कूलों में पठन पाठन को दुरुस्त करने के लिए खास फॉर्मूला अपना लिया है. सिद्धार्थ ने इसके लिए छात्रो के नोटबुक को सबसे बड़े हथियार के रूप में अपनाने की तैयारी की है. यानी शिक्षक क्या पढ़ाते हैं इसका पूरा लेखा-जोखा छात्रों के नोटबुक से निकलेगा. सूत्रों का कहना है कि एस सिद्धार्थ ने बिहार के तमाम सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के पढ़ाने पर निगरानी का नायाब तरीका अपनाने का प्लान तय किया है. 
शिक्षक स्कूलों में रोजाना क्या पढ़ाते हैं. कितना टास्क देते हैं. बच्चे किन पाठों को पढ़े हैं. पढाई के कुल कितने घंटे हुए हैं इन तमाम चीजों का खुलासा बस छात्रों की कॉपी देखते ही कर लेंगे. सूत्रों के अनुसार एस सिद्धार्थ ने छात्रों की कॉपी चेक करने पर खास ध्यान देने कहा है. इसके अनुसार स्कूलों में जब निरिक्षण के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी जाएंगे तो वे सामान्य हाजिरी आदि चेक करने के अतिरिक्त एक और खास काम करेंगे. इसमें छात्रों की कॉपी चेक करना होगा. यानी किसी शिक्षक ने पिछले दिनों क्या पढ़ाया है इसका पूरा लेखा-जोखा छात्रों के कॉपी से पता चलेगा. 

माना जा रहा है कि इससे शिक्षको के कामकाज पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी. वे क्या पढ़ाते हैं और कितना पढ़ाते हैं उसका आकलन छत्रों की कॉपी देखकर कर सकेंगे. सिद्धार्थ के इस नायाब तरीके से स्कूलों में शिक्षकों द्वारा टाइम पास करने की शिकायतें भी दूर हो सकती हैं. साथ ही जो शिक्षक तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे उन पर विधि सम्मत कार्रवाई भी की जा सकती है. 


गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का पद संभालते ही एस. सिद्धार्थ लगातार अपने एक्शन से सबको आकर्षित किए हुए हैं. उन्होंने पिछले दिनों भोजपुर के बिहिया में एक स्कुल में छापेमारी करने के दौरान बच्चों को सड़क पर घूमते पकड़ा था. इसके पहले वे लोकल ट्रेन में सवार होकर पटना से बिहिया गए थे. वहीं शनिवार को स्कूल टाइमिंग के बाद एक रिक्शा पर सवार कुछ बच्चों को सिद्धार्थ ने देखा तो उन्हें भी रोककर सवाल किया. उनके इस एक्शन से हड़कंप भी मचा और एक सकारत्मक संदेश भी गया.

रविवार, 23 जून 2024

25 जून से शिक्षकों की ऑनलाइन बनाने पर शिक्षा विभाग का आया बड़ा फैसला , अब शिक्षकों का नही कटेगा वेतन , शिक्षकों को मिली बड़ी राहत

PATNA : बिहार के सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की 25 जून से आनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी. इसके लिए शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल (एप) विकसित किया है.

राज्य भर की सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को शिक्षा विभाग में आदेश दिया है कि 25 जून से सभी शिक्षक की शिक्षा कोष एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे यहां तक की अब शिक्षकों को किसी भी प्रकार का अवकाश लेने के लिए प्रधानाध्यापक के कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा बल्कि शिक्षा कोष एप्लीकेशन पर ही आवेदन करना होगा उन्हें तुरंत अवकाश मिल जाएगा


शिक्षा विभाग ने बताया कि 3 महीने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सिस्टम को प्रोजेक्ट पायलट के रूप में शिक्षा विभाग चला रही है यदि 3 महीना में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई तो इस ऑनलाइन उपस्थिति सिस्टम को परमानेंट लागू कर दिया जाएगा। लेकिन यदि 3 महीने के अंदर ऑनलाइन उपस्थिति बनाने की इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो शिक्षा विभाग इन समस्याओं का सबसे पहले निराकरण करेगा उसके बाद ही इस सिस्टम को लागू करेगा।

फिलहाल अभी-अभी शिक्षा विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कहा गया है कि 25 जून से 3 माह तक सभी शिक्षक अपने मोबाइल से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे इस अवधि में यह पता चल जाएगा कि इस ऑनलाइन सिस्टम में क्या-क्या समस्या उत्पन्न हो रही है इस 3 महीना की अवधि में यदि शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी आती है तो फिलहाल उनके वेतन की कटौती नहीं की जाएगी और ना ही उन पर किसी भी प्रकार की विभागीय कार्रवाई की जाएगी बल्कि उसकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।


शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. सिद्धार्थ ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि शिक्षक अब प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे. अब एक लापरवाही से आपकी सैलरी कट जाएगी. अपर मुख्य सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इसे अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है. प्रधानाध्यापक और शिक्षक कैसे आनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे, इस संबंध में विभाग की ओर से वीडियो जारी किया गया है।

शिक्षक इस तरह दर्ज करेंगे आनलाइन उपस्थिति

सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षक गूगल प्ले स्टोर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करेंगे. इसके बाद शिक्षक अपने आइडी से ई-शिक्षाकोष एप पर लाग-इन करेंगे. जिन शिक्षकों के पास पहले शिक्षक आइडी उपलब्ध नहीं है या भूल गए है, वैसे शिक्षक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर अपना आइडी जनरेट कर सकते हैं. शिक्षक आइडी के लिए प्रधानाध्यापक स्कूल के लाग-इन आइडी से शिक्षक माड्यूल में जाकर संबंधित को आइडी उपलब्ध कराएंगे. शिक्षक अपने शिक्षक आइडी से ई-शिक्षाकोष एप में लाग-इन करने के पश्चात डैशबोर्ड पर अंकित मार्क एटेंडेंस बटन को दबाएंगे.

इस तरह बनेगी सेल्फ अटेंडेंस

विद्यालय में उपस्थित रहने की स्थिति में प्रधानाध्यापक व शिक्षक द्वारा सेल्फ एटेंडेंस के विकल्प का चयन करते हुए बटन को ना होगा. आनलाइन एटेंडेंस बनाने के लिए शिक्षकों को संबंधित विद्यालय की पांच सौ मीटर की परिधि में रहना अनिवार्य है. विद्यालय के पांच सौ मीटर की परिधि में रहने की स्थिति में शिक्षक को उनके मोबाइल स्क्रीन पर दो बटन ( एक स्कूल इन और दूसरा स्कूल आउट) दिखाई देगा. शिक्षक विद्यालय आते ही आनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए मोबाइल स्क्रीन पर अंकित स्कूल-इन बटन को दबाएंगे एवं विद्यालय से जाते समय स्कूल-आउट बटन को दबाएंगे.

फोटो एवं समय के साथ दर्ज होगी उपस्थिति
स्कूल-इन बटन को ते ही मोबाइल का कैमरा सेल्फी मोड में खुल जाएगा एवं मोबाइल स्क्रीन पर कैप्चर एवं कन्फर्म बटन दिखाई देगा. प्रधानाध्यापक व शिक्षक द्वारा पहले कैप्चर बटन क्लिक किया जाएगा. जिसके उपरांत उनका फोटो, दिनांक, एवं समय आदि स्क्रीन पर दिखाई देगा. यदि फोटो, दिनांक और समय सही है तो कन्फर्म बटन क्लिक किया जाएगा. जिसके बाद संबंधित प्रधानाध्यापक व शिक्षक का फोटो एवं समय के साथ उपस्थिति एप पर दर्ज हो जाएगी.

सरकारी काम से बाहर हैं तो मार्क आन ड्यूटी दबाएंगे

विद्यालय से अन्यत्र किसी सरकारी कार्य के लिए प्रतिनियुक्त हैं तो ऐसी स्थिति में मार्क आन ड्यूटी का विकल्प का चयन करते हुए बटन को को दबाएंगे. मोबाइल फोन के स्क्रीन पर पर दो बटन मार्क इन और मार्क आउट दिखाई देगा. मार्क इन बटन को ते हुए शिक्षक की उपस्थिति एप पर दर्ज हो जाएगी. इसी प्रकार प्रतिनियुक्त कार्य स्थल से प्रस्थान करते समय मार्क आउट का बटन दबाएंगे. एप के उपयोग के क्रम में किसी यूजर को किसी तरह की समस्या होने की स्थिति में टिकट राइज करने की सुविधा उपलब्ध है. जिसके आधार पर राज्य स्तर पर गठित प्रोजेक्ट मैनजमेंट यूनिट द्वारा तकनीकी बाधा को दूर किया जाएगा।

कैसे करें ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षक रजिस्ट्रेशन, लॉग इन एवं डाटा अपडेट?

👉 How to Register on E -Shikshakosh Portal?
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षक रजिस्ट्रेशन कैसे करें....? 

■ नीचे दिए गए Important Link Section के सेक्शन में जाकर e-Shikshakosh Portal Official Website के सामने CLICK HERE पर CLICK करें।
ई-शिक्षाकोष ऑफिशियल वेबसाइट लिंक 

■ अब आपके सामने e Shikshakosh Portal का लॉगिन पेज खुल जाएगा।
■ यहाँ पर आपको Select User Type में Teacher का चयन करना होगा।
■ इसके बाद यूजर आईडी और पासवर्ड को दर्ज करें तथा नीचे बॉक्स में Captcha कोड को सॉल्व करके दर्ज करें। तथा SIGN IN पर CLICK कर दें।
■ अब आपको साइड में Teacher Registration का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक कर दें।
■ अब आपके सामने एक फॉर्म खुल जायेगा। इस फॉर्म को ध्यान से भरें तथा मांगे गए सभी दस्तावेजों को अपलोड कर दें।
■ अंत में सबमिट पर CLICK कर दें।

👉 शिक्षकों का डाटा अपडेट कैसे करें...? / How to update Teachers Data

● नीचे दिए गए Important Link Section के सेक्शन में Niyojit Teacher Update Login के सामने CLICK HERE पर CLICK करें।
● अब आपके सामने संबंधित लॉगिन पेज खुल जाएगा।
● इस पेज पर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड को दर्ज करके नीचे बॉक्स में Captcha कोड को सॉल्व करके दर्ज करें।
● अंत में SIGN IN पर क्लिक कर दें।

शिक्षा, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग से संबंधित खबरें सबसे पहले आप तक।

शुक्रवार, 7 जून 2024

शिक्षा विभाग के ACS का प्रभार लेते ही डॉ0 एस0 सिद्धार्थ ने धराधर लिये कई महत्वपूर्ण फैसले || नए आदेश से शिक्षकों, बच्चों व अभिभावकों को मिलेगी राहत ||

PATNA : बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों के छात्र-छत्राओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।विद्यार्थियों को बिना आधार के साइकिल और पोशाक समेत अन्य योजनाओं के पैसे नहीं मिलेंगे। हालांकि, जिन छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड नहीं है, उनके आधार कार्ड इसी माह में ही बनवाये जाएंगे।


इस संबंध में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार एवं अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की ओर से सभी जिलों को निर्देश दिया गया है।

प्रशिक्षण नहीं लेने वाले शिक्षकों का इंक्रीमेंट बंद होगा

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य किया है। प्रशिक्षण नहीं लेने वाल शिक्षकों को इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों का आंतरिक मूल्यांकन भी होगा।

वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आगाह किया गया है कि शिक्षकों को वेतन या सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने की शिकायत शिक्षा विभाग में नहीं पहुंचनी चाहिए।

यह भी हिदायत दी गई है कि छात्रों के टीसी पर काउंटर सिग्नेचर के लिए पैसे लेने की शिकायत बिल्कुल नहीं आनी चाहिए।

वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी क्षेत्र में घूमेंगे। अगर बच्चे कहीं खेलते पाये जाएंगे, तो उनसे यह पूछेंगे कि वे किस स्कूल के हैं। अगर बच्चे अनामांकित होंगे, तो उनका दाखिला कराएंगे।

शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन होगा। आवश्यकता के अनुसार अब शिक्षकों की नियुक्ति होगी। विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात भी तय होगा।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचेंगी जीविका दीदियां

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच जीविका दीदियां करेंगी।

दीदियां गी कि तय मात्रा के मुताबिक बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसे जा रहे हैं या नहीं। जांच के क्रम में किचेन की व्यवस्था भी देखी जाएगी।

सभी स्कूलों में आधारभूत संसाधन को सुदृढ़ करने का फैसला

शिक्षा विभाग ने सभी 75 हजार सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संसाधन को सुदृढ़ करने का फैसला किया है। विद्यालयों में किताबों की 10 लाख प्रतियां जल्द उपलब्ध होंगी।

ये किताबें विद्यालयों के पुस्तकालयों में रखी जाएंगी। इन किताबों को वैसे बच्चे पढ़ेंगे, जिनकी किताबें फट गई हों या खो गई हों।

मंत्री सुनील कुमार ने अपर मुख्य सचिव के साथ शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों व जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

(Report By- Sanjeev Sameer)

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर || शिक्षा विभाग ने नियमो में बरती ढिलाई || शिक्षकों को आर्थिक दोहन से बचाने का किया जा रहा उपाय || अब नहीं कर सकेंगे जांच पदाधिकारी मनमानी.... (पढ़िए पूरी खबर)

PATNA : शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति अब ऑनलाइन टैब के माध्यम से सेल्फी मोड में बनेगी, 3 दिन गायब रहने वाले बच्चों का नाम नही कटेंगे, BPM-टोला सेवक अब निरीक्षण नहीं करेंगे, केवल BEO-DEO जैसे सक्षम पदाधिकारी ऑनलाइन मॉनिटरिंग और निरीक्षण करेंगे, बेवजह शिक्षकों पर करवाई नहीं होगी, HM रोज के बजाय साप्ताहिक VC करेंगे, शिक्षा विभाग भी रोज VC नहीं करेगा शिक्षा विभाग।


इस आदेश के बाद शिक्षकों में नए ACS से एक नई उम्मीद जगी है। आपको बता दे कि डॉ0 एस0 सिद्धार्थ एक सुलझे हुए इंसान हैं और सिर्फ सख्ती में विश्वास नहीं रखते बल्कि सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। 

आपको या भी बता दें कि उन्हें पता चल चुका है कि निजी एजेंसी से बहाल BPM - BRP शिक्षकों का दोहन कर रहे हैं। इसलिए उनलोगों से अब जांच नहीं करने का आदेश जारी कर दिए हैं। अब देखने वाली बात है कि के के।पाठक वापस आते हैं तो ये बदलाव के नियम बरकरार रहती है या फिर के के पाठक ही वापस नहीं होते यें ये 30 जून के बाद पता लग जायेगा। फिलहाल शिक्षकों को अभी थोड़ी राहत मिली है।

नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली?

आखिर नियोजितों को मिलने वाले लाभ से विशिष्ट शिक्षक क्यों हो गए हैं बेचैन? क्यों मची है खलबली? भूलकर भी ये गलती नहीं करें!? देखिये पूरी जानका...